हुस्न उसका इस कदर है।…

9
90

हुस्न उसका इस कदर है।

जो बर्दास्त नही होता।

आंखों मैं उनके इतनी कशिश है की

कुछ ओर याद नही होता।

हंसी पर मर मिटे मरने वाले।

हम है खुशनसीब जो हर वक़्त वो हमारे साथ होता।

जल गए जलने वाले हमारी मोहब्बत से

किसी को भी हमारा प्यार बर्दास्त नही होता।

ओर 

मोहब्बत का गर हमारी आगाज नही होता।।।

रह जाते अकेले अगर वो हमारे साथ नही होता।।।।

बहुत तड़पते है जब वो दूर चला जाता है।

पास आने पर खुशी का कोई राज नही होता।।

उसके सिवा अब कुछ ओर याद नही होता….2

मोहब्बत का गर जो हमारी आगाज नही होता…2

Kashtee-By Imran khan

9 COMMENTS

  1. जय हो मेरे राहत इन्दौरी,
    गुस्ताखी माफ
    इमरान इन्दौरी
    🙏

  2. दिल की बातें लफ्जो’ मेरे यूँ बंया करना आपसे बेहतर कौन जानता हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here