मुद्दतो बाहर की जिंदगी बिताई है। आज घर रहकर अपनो से फिर मोहब्बत पाई है। कुछ दूरिया ही सही अपने घरों में करना पड़ी। फिर भी मोहब्बत में कोई कमी न आयी है। वीरान सा पड़ा है राजबाड़ा आज। खामोशी सराफे में छाई है। हर कोई आज खोफ में है। इस तरह बीमारी ने अपनी जड़े फैलाई है।

Muddato bahar ki

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Muddato bahar ki jindagi bitayi hai   Muddato bahar ki jindagi bitayi hai Aaj ghr rehkar apno se fir mohbbat payi hai. Kuch duriya hi sahi apne gharo...

Nature

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खुशियां कभी ना आएगी। जो पर्यावरण की जान जाएगी। Happiness will never come. Which will kill the environment. घर घर लगाओ पेड़ पौधे। घर घर लाओ खुशियाली। रोक लगाओ प्रदूषण...

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