नादान थे हम जो एतबार कर बैठे।

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नादान थे हम जो एतबार कर बैठे।

अक्स से तुम्हारे हम प्यार कर बैठे।।

भुला दिया था दिल की धड़कनों ने।।।

आंखों मैं फिर भी,

अक्स

को

तुम्हारे

हम सम्भाल बैठे है।।

Nadan the ham jo aitbar kar bethe …

Aks se tumhare ham pyar kar bethe ..

.bhula diya tha dil ki dhadkano ne  ..

…Aankho me fir bhi aks ko tumhare sambhal bethe hai…

Kashtee-By Imran khan

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